गोपालगंज, 1 अक्तूबर (सेंट्रल डेस्क) जिले में आतंक व गैंगवार की पटकथा लिखने वाले कुख्यात सुरेश चौधरी का दर्दनाक अंत कोलकाता के हावड़ा में हो गया। सुरेश की हत्या हावड़ा में बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दिया। वे नगर थाने के काकड़कुंड गांव निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन कोलकाता के लिए रवाना हो गए है। सुरेश चौधरी पर जिले में दो दर्जन से ऊपर आपराधिक मामलें दर्ज है। उसे अज्ञात हमलावरों द्वारा पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित संध्या बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

इस घटना की सूचना जैसे ही गोपालगंज में पहुंची वैसे ही पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई। बताया जाता है कि सुरेश चौधरी ट्रिपल मर्डर और मुखिया हत्याकांड सहित दो दर्जन से अधिक मामलों में वांछित था। पुलिस ने गैंगवार के एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरेश ने वर्ष 1995 में कांग्रेस प्रत्याशी की दिनेश्वर सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। जिसके चलते 1995 में गोपालगंज का चुनाव टालना पड़ गया था।जिले के काकड़कुंड गांव का रहने वाला सुरेश चौधरी काफी समय से हावड़ा में बालू ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। उसकी हत्या के पीछे बालू माफिया की आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।

इस सनसनीखेज वारदात से स्थानीय अपराध जगत में हड़कंप मच गया है, लेकिन यह घटना सुरेश चौधरी के आपराधिक इतिहास और अन्य राज्यों में उसके नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मृतक सुरेश बिहार पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द माना जाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक,सुरेश पर ट्रिपल मर्डर,एक मुखिया हत्याकांड समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इन मामलों में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। इसी बीच मंगलवार रात को वह हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में था,तभी अज्ञात अपराधियों ने उसे घेर लिया और गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी,जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। जांच पड़ताल शुरू कर दी। मौके पर पहुंची एफएसएल को टीम भी घटनास्थल से कई नमूना लेकर उसकी जांच कर रही है।

