नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ वॉर और वैश्विक भू-राजनीतिक खींचतान के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुले दिल से तारीफ की, बल्कि भारत से आयात बढ़ाने का आदेश भी जारी किया है, ताकि रूस और भारत के बीच मौजूद व्यापार असंतुलन को दूर किया जा सके।
सोची में वालदाई डिस्कशन क्लब को संबोधित करते हुए पुतिन ने पीएम मोदी को “बुद्धिमान और भरोसेमंद नेता” बताया। उन्होंने कहा, “मोदी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे भारतीयों को नुकसान हो। मैं उन्हें अच्छी तरह जानता हूं, वह अपने देश के हितों से कभी समझौता नहीं करते।”

पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर दबाव बना रहा है। अमेरिका ने भारत पर 50% आयात शुल्क लगाया है, जिसमें से आधा रूस से होने वाले आयात पर केंद्रित है।
इसके बावजूद पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस भारत से अपने आयात को बढ़ाकर संतुलन बनाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों, औषधीय वस्तुओं और फार्मास्यूटिकल्स के आयात की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
पुतिन बोले, “भारत से कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीदी जा सकती हैं। हमें वित्तीय, भुगतान और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बाधाओं को दूर करना होगा।”
पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को “सोवियत काल” से चला आ रहा विशेष रिश्ता बताया। उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्रता संग्राम के समय से रूस का समर्थन याद रखता है और दोनों देश 15 साल पूरे कर चुके विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पुतिन ने यह भी कहा कि भारत कोई भी फैसला सोच-समझकर करता है, और यही उसकी नीति को स्थिर बनाता है। उन्होंने दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच मजबूत समन्वय की तारीफ की।
पुतिन ने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उनके साथ “विश्वास आधारित रिश्ते” हैं। उन्होंने कहा कि वे दोनों देशों के हित में मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे।
पुतिन ने नयी दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (VIF) के प्रमुख डॉ. अरविंद गुप्ता के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए AI और अत्याधुनिक तकनीक पर संयुक्त फंड स्थापित करने का भी सुझाव दिया।
पुतिन का यह रुख स्पष्ट करता है कि रूस भारत को केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक मित्र के रूप में देखता है — और अमेरिका के दबावों के बावजूद यह रिश्ता और मजबूत होता जा रहा है।

