पटना, 4 अक्तूबर (निज संवाददाता) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। शुक्रवार को पटना स्थित 1 अणे मार्ग आवास पर मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुलाक़ात की। लगभग तीन घंटे चली इस अहम बैठक में नीतीश कुमार ने क्षेत्रीय हालात और जमीनी स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे चुनावी तैयारियों में पूरी ताक़त झोंक दें। बैठक में बड़ी संख्या में टिकट के दावेदार भी शामिल थे, जो अपने-अपने बायोडाटा लेकर पहुँचे थे। नीतीश कुमार ने सभी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके दावों को गंभीरता से परखने का आश्वासन दिया।
टिकट की इस दौड़ में नए चेहरों के साथ-साथ वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक भी नज़र आए। कई नेता ऐसे भी थे, जो अपने क्षेत्र की समस्याएँ और जनहित के मुद्दे लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचे। इन पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार और पार्टी, दोनों ही स्तरों पर जनता के हित में लगातार काम कर रहे हैं।
इस बैठक में जदयू के वरिष्ठ नेता जैसे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
यह मुलाक़ात इस बात का साफ़ संकेत है कि जदयू के भीतर टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज़ हो चुकी है। जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, पार्टी कार्यालय और सीएम आवास दावेदारों से गुलज़ार रहने वाले हैं।

