नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच शांति कायम करने को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। इस बार उन्होंने दावा किया है कि “टैरिफ की ताकत” ने ही दोनों देशों को युद्ध की ओर बढ़ने से रोका। ट्रंप के अनुसार, यदि अमेरिका के पास टैरिफ का हथियार न होता, तो आज दुनिया में कम से कम 4 युद्ध चल रहे होते।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। 7 विमान गिराए जा चुके थे। लेकिन टैरिफ की वजह से हम सिर्फ अरबों डॉलर ही नहीं कमा रहे, बल्कि दुनिया में शांति भी ला रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “मैं जो कहना नहीं चाहता था, वही कहा और असर भी हुआ।”

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को खारिज करते हुए दोहराया है कि संघर्ष विराम पूरी तरह द्विपक्षीय निर्णय था। 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत सीमा पर चार दिन तक तनाव चला। बाद में पाकिस्तान के डीजीएमओ के आग्रह पर सीजफायर हुआ। भारत का कहना है कि इसमें अमेरिका की कोई मध्यस्थता नहीं थी।
वहीं दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% तक आयात शुल्क लगाए जाने और रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाने को लेकर भारत ने चिंता जताई है। भारत का कहना है कि वह रूसी तेल की खरीद के चलते अमेरिका और यूरोपीय संघ के निशाने पर है।
इधर, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने भरोसा जताया है कि भारत-अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा, “दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत को शुल्क बाधाएं कम कर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की जरूरत है।” उन्होंने यह बात ‘ट्रेड वॉच क्वार्टरली’ रिपोर्ट जारी करते हुए कही।
फिलहाल, ट्रंप के बयान ने एक बार फिर भारत की कूटनीति को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

