नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिकी रक्षा विभाग ने चुपचाप पाकिस्तान को एडवांस मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल (AMRAAM) खरीदने वाले देशों की सूची में शामिल कर लिया है। अब पाकिस्तान अमेरिकी कंपनी रेथियॉन से AIM-120C8 या D3 मिसाइल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। अमेरिकी डिफेंस वेबसाइट पर जारी एक संशोधित अनुबंध (FA8675-23-C-0037) में पाकिस्तान को शामिल किया गया है, जिसके तहत 41.68 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त संशोधन (P00026) जोड़ा गया है।

इस डील का कुल मूल्य लगभग 2.51 अरब डॉलर है, जिसमें अमेरिका यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अब पाकिस्तान जैसे देशों को मिसाइलें निर्यात कर रहा है। पाकिस्तान को मिली अनुमति का मतलब यह नहीं कि डील हो चुकी है, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका इस्लामाबाद को फिर से सीमित स्तर पर एडवांस हथियार देने को तैयार है।
AIM-120C8/D3 मिसाइलें अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं, जिनकी रेंज 160 किलोमीटर से अधिक है और यह जामिंग-रोधी गाइडेंस सिस्टम से युक्त होती हैं। पाकिस्तान इन्हें अपने एफ-16 फाइटर जेट्स में इंटीग्रेट कर वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ा सकता है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पास पहले से 18 F-16C/D ब्लॉक-52 जेट्स हैं, जिनमें से कुछ को भारत ने 2019 में मार गिराया था। पहले भी पाकिस्तान ने 2006-07 में “पीस ड्राइव II” प्रोग्राम के तहत 500 AIM-120C5 मिसाइलें खरीदी थीं, लेकिन ये अब पुराने हो चुके हैं।
पाकिस्तान की इस नई एंट्री को लेकर भारत में चिंता जाहिर की जा सकती है। हालांकि, अमेरिका ने इस डील को एंड-यूज मॉनिटरिंग और नॉन-प्रोलिफरेशन एग्रीमेंट्स के तहत रखा है, जिससे भारत के साथ कूटनीतिक संतुलन बना रहे।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में पाकिस्तान एयरफोर्स चीफ जहीर अहमद बाबर की वॉशिंगटन यात्रा के बाद इस डील की चर्चा तेज हुई थी। अब, मिसाइल की यूनिट्स की संख्या और डिलीवरी टाइमलाइन पर नजरें टिकी हैं, लेकिन यह साफ है कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ सैन्य संबंधों की बहाली की ओर एक और कदम बढ़ा चुका है।

