नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बांग्लादेश अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए चीन से J-10CE फाइटर जेट खरीदने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार 2027 तक चीन से 20 J-10CE फाइटर जेट्स खरीदना चाहती है। यह सौदा लगभग 2.20 अरब डॉलर का हो सकता है, जिसमें विमान की खरीद के अलावा पायलट ट्रेनिंग, मेंटेनेंस और तकनीकी सहयोग जैसे खर्च शामिल होंगे।

सरकारी दस्तावेजों के हवाले से कहा गया है कि यह सौदा 2026–27 के बीच साइन किया जा सकता है, जबकि भुगतान प्रक्रिया 10 वर्षों में यानी 2035–36 तक पूरी होगी। इस अनुबंध को या तो चीन सरकार से सीधे या गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) व्यवस्था के तहत पूरा किया जाएगा।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, एक J-10CE विमान की कीमत करीब 60 मिलियन डॉलर है, जबकि पूरे 20 विमानों की कीमत लगभग 1.2 अरब डॉलर होगी। इसके साथ आने वाले अन्य खर्चों को जोड़ने पर यह सौदा 2.2 अरब डॉलर तक पहुंच जाता है।
मार्च में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन दौरे के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी, जिसमें चीन ने सकारात्मक रुख दिखाया था। अप्रैल में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति भी गठित की गई थी।
J-10CE चीन के J-10C का एक्सपोर्ट वर्जन है और यह पहले से ही चीन की वायुसेना में सेवा में है। पाकिस्तान भी इस फाइटर जेट का उपयोग कर चुका है और दावा करता है कि उसने मई में भारतीय राफेल के खिलाफ इसका प्रयोग किया था।
बांग्लादेश शांति एवं सुरक्षा अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एएनएम मुनिरुज्जमां ने इस फैसले को रणनीतिक बताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी रक्षा सौदे से पहले उसके भू-राजनीतिक असर पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, खासकर अमेरिका-चीन तनाव की पृष्ठभूमि में।
वर्तमान में बांग्लादेश वायुसेना के पास सिर्फ 44 फाइटर जेट्स हैं, जिनमें से 36 पुराने F-7 और 8 रूसी MiG-29B हैं। ऐसे में J-10CE जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स को शामिल करना बांग्लादेश की वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

