नई दिल्ली, 8 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य उद्घाटन किया। 19,650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एयरपोर्ट मुंबईवासियों के 25 वर्षों पुराने सपने को साकार करने वाला प्रोजेक्ट बन गया है। करीब 2,866 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट से पहले चरण में हर साल 2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही की उम्मीद की जा रही है।
दिसंबर 2025 से यहां से उड़ानों की शुरुआत होगी। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने पहले चरण में सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है। एयर इंडिया एक्सप्रेस शुरुआत में देश के 15 शहरों को जोड़ते हुए रोजाना 20 डिपार्चर (40 एयर ट्रैफिक मूवमेंट) संचालित करेगी। कंपनी का लक्ष्य 2026 के मध्य तक इसे बढ़ाकर 55 डेली डिपार्चर (110 एटीएम) करने का है, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल होंगी।

इंडिगो भी पहले चरण में 18 दैनिक उड़ानों के साथ शुरुआत करेगी, जो मार्च 2026 तक इंटरनेशनल कनेक्टिविटी तक विस्तार पाने की उम्मीद है। वहीं, अकासा एयर 100 से अधिक साप्ताहिक उड़ानों की योजना के साथ कदम रख रही है।
एयरपोर्ट को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों की सुविधा के अनुसार डिजाइन किया गया है। अत्याधुनिक तकनीकों से लैस टर्मिनल-1, जिसमें 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता है, पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार है। इस टर्मिनल में विश्वस्तरीय बैगेज क्लेम सिस्टम (दुनिया में सबसे तेज), स्वचालित कियोस्क, बायोमेट्रिक सत्यापन, एडवांस्ड स्कैनिंग और सिंगल-लेन सुरक्षा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह एयरपोर्ट न केवल मुंबई बल्कि पूरे पश्चिम भारत में यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लाएगा। 2032 तक NMIA और मौजूदा मुंबई एयरपोर्ट (CSMIA) मिलकर सालाना 15-16 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेंगे—यह आंकड़ा दुबई, न्यूयॉर्क और लंदन जैसे वैश्विक हवाई अड्डों के बराबर है।
NMIA भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जो रोड, रेल और समुद्री मार्ग से जुड़ा होगा। अटल सेतु ने दक्षिण मुंबई से NMIA तक का सफर 40 मिनट से घटाकर मात्र 17-20 मिनट कर दिया है। मेट्रो गोल्ड लाइन (लाइन 8) मुंबई एयरपोर्ट को सीधे NMIA से जोड़ेगी, जो देश की पहली एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट मेट्रो लिंक होगी।
यहां भारत का सबसे बड़ा जनरल एविएशन टर्मिनल, हेलिपोर्ट, 8 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल और वॉटर टैक्सी सेवा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। NMIA देश की हवाई यात्रा प्रणाली को नई ऊंचाई देने वाला मील का पत्थर साबित होगा।

