पटना, 11 अक्तूबर (पटना डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नई दिल्ली स्थित IARI से प्रधानमंत्री ने 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की कृषि परियोजनाओं की शुरुआत की, जिसमें 24,000 करोड़ रुपये की धन धान्य योजना और ‘दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता मिशन’ शामिल हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने की। उन्होंने इसे बिहार की कृषि के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह पहल दाल और तिलहन उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में नियुक्त 200 वैज्ञानिकों को ‘सीड मनी ग्रांट’ दी जाएगी ताकि वे कृषि संबंधी स्थानीय समस्याओं पर अनुसंधान कर सकें।

डॉ. सिंह ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे खेतों तक पहुँचें और प्रयोगशाला के नवाचारों को किसानों के जीवन में उतारें। उन्होंने कीटविज्ञान एवं पादप रोगविज्ञान विशेषज्ञों से फील्ड स्तर पर सक्रिय रहने की अपील की।
इस अवसर पर 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन डीन (कृषि) कार्यालय द्वारा किया गया तथा संचालन डॉ. आदित्य सिन्हा ने किया।
BAU ने इस अवसर पर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।

