समस्तीपुर, 11 अक्तूबर (समस्तीपुर डेस्क) जिले के विभूतिपुर विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे राजीव रंजन को कोलकाता पुलिस ने धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के विधाननगर थाने की पुलिस ने की है। उन पर एक रिटायर्ड जज से साढ़े चार करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।

मामले की पुष्टि करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी ने 7 सितंबर को विधाननगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें राजीव रंजन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। FIR में बताया गया कि राजीव रंजन ने झूठे वादों और फर्जी दस्तावेजों के जरिये निवेश के नाम पर रुपये ऐंठे थे। जांच के बाद पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को कोलकाता के साल्टलेक इलाके से गिरफ्तार कर लिया।सूत्रों के मुताबिक राजीव रंजन ने खुद को एक प्रभावशाली कारोबारी और राजनीतिक रसूख वाला व्यक्ति बताकर जज को भरोसे में लिया और भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। जब समय पर रकम वापस नहीं मिली तो जज को शक हुआ और उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।इस गिरफ्तारी की खबर से समस्तीपुर के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, खासकर लोजपा (रा) के स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक सकते में हैं। राजीव रंजन पिछले कुछ महीनों से विभूतिपुर क्षेत्र में सक्रिय थे और खुद को पार्टी का संभावित प्रत्याशी बता रहे थे।

