नई दिल्ली, 13 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने अपने अत्याधुनिक GJ-11 शार्प स्वॉर्ड स्टील्थ ड्रोन तिब्बत के शिगात्से एयर बेस पर तैनात किए हैं, जो भारत की सिक्किम सीमा से महज 200–300 किलोमीटर दूर है। यह इन ड्रोन की पहली ऑपरेशनल तैनाती मानी जा रही है।

अगस्त-सितंबर 2025 के बीच ड्रोन की टेस्टिंग हुई और सैटेलाइट कंपनी प्लैनेट लैब्स की तस्वीरों में तीन GJ-11 ड्रोन रनवे पर देखे गए। ये ड्रोन छिपकर हमला करने, जासूसी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए तैयार माने जा रहे हैं।
GJ-11 ड्रोन की विशेषताएं:
- स्टील्थ हमला: रडार से बचते हुए बम गिरा सकते हैं
- रिकॉन्सेन्स: दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: रडार और संचार को जाम करना
- फ्लाइंग विंग डिजाइन: बिना पायलट का, चमगादड़ जैसा आकार
यह तैनाती चीन की हिमालयी हवाई ताकत को मजबूत करती है। इससे पहले चीन ने J-20 स्टील्थ फाइटर जेट और WZ-7 ‘सोरिंग ड्रैगन’ ड्रोन को भी इस क्षेत्र में तैनात किया है।
भारत के लिए यह रणनीतिक चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये ड्रोन नियर-कॉम्बैट रेडी हैं यानी युद्ध के लिए लगभग तैयार। भारत के पास ‘रुस्तम’ और ‘तपस’ जैसे ड्रोन हैं, लेकिन स्टील्थ तकनीक अभी सीमित है।
इस तैनाती को चीन का एक संदेश माना जा रहा है – “हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।” हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक वार्ता जारी है।

