नई दिल्ली, 14 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) भारत और फ्रांस के रक्षा संबंध एक नए मुकाम पर पहुंचते दिख रहे हैं। फ्रांसीसी सेना प्रमुख जनरल पियर शिल ने भारत के उन्नत हथियारों की तारीफ करते हुए पिनाका रॉकेट सिस्टम, लॉयटरिंग म्यूनिशन्स और काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स की खरीद में रुचि दिखाई है।
जनरल शिल भारत के ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में इन हथियारों की भूमिका से बेहद प्रभावित हुए हैं। यह एक विशेष सैन्य ऑपरेशन था जिसमें भारतीय सेना ने सटीकता से दुश्मन के ठिकानों पर हमले किए। पिनाका एमएलआरएस ने लंबी दूरी तक मार करते हुए लागत प्रभावी और सटीक हथियार के रूप में खुद को साबित किया।

लॉयटरिंग म्यूनिशन्स और काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स ने भी अत्याधुनिक युद्ध तकनीकों में भारत की क्षमता को दिखाया। जनरल शिल ने कहा, “आपकी इंडस्ट्री और संचालन के तरीके शानदार हैं।” उन्होंने खासतौर पर पिनाका के लंबी दूरी वाले संस्करण पर अपनी नजरें टिका रखी हैं।
जनरल शिल की भारत यात्रा के दौरान उन्होंने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की और दोनों देशों ने भविष्य की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की। खासतौर पर AI, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात हुई।
शक्ति एक्सरसाइज को अब सालाना और अधिक जटिल बनाने की योजना है, जिसमें ड्रोन और काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन्स भी शामिल होंगे। इससे दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे से सीखने का मौका मिलेगा।
भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर है न सिर्फ एक्सपोर्ट बढ़ाने का, बल्कि वैश्विक रक्षा तकनीक में अपनी पहचान मजबूत करने का भी। फ्रांस जैसे विकसित देश का भरोसा भारत की रक्षा क्षमताओं पर तेजी से बढ़ रहा है।

