नई दिल्ली, 14 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) भारत अब चीन की छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों J-36 और J-50 को टक्कर देने के लिए पूरी तरह कमर कस चुका है। भारतीय वायुसेना के भविष्य को ध्यान में रखते हुए देश अपने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के विकास में तेजी ला रहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इस परियोजना के लिए सात सार्वजनिक और निजी संस्थाओं की क्षमताओं का मूल्यांकन करने हेतु दो उच्च स्तरीय समितियां गठित की हैं। पहली समिति DRDO के वरिष्ठ अधिकारियों की होगी, जबकि दूसरी रक्षा सचिव के नेतृत्व में कार्य करेगी।
AMCA कार्यक्रम में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अलावा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, अडाणी डिफेंस, एलएंडटी, बीईएल, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, एक्सिसकेड्स, भारत फोर्ज और बीईएमएल जैसी कंपनियों की साझेदारी शामिल है। इन फर्मों ने DRDO की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा जारी EOI (रुचि की अभिव्यक्ति) का जवाब दिया है। मूल्यांकन एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद सरकार प्रोटोटाइप निर्माण के लिए एक फर्म को चुनेगी।
भारत सरकार ने पिछले वर्ष 15,000 करोड़ रुपये की लागत से AMCA के डिजाइन और प्रोटोटाइप निर्माण को मंजूरी दी थी। AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2029 में उड़ान भरेगा और 2034 तक इसका विकास कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद 2035 से वायुसेना में तैनाती शुरू की जाएगी। कुल 120 स्टील्थ लड़ाकू विमान (छह स्क्वाड्रन) भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किए जाएंगे।
पहले दो स्क्वाड्रन अमेरिकी F-414 इंजन से लैस Mk-1 संस्करण पर आधारित होंगे, जबकि शेष Mk-2 संस्करण में फ्रांसीसी सहयोग से विकसित शक्तिशाली इंजन लगेगा। भारत और फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान के बीच संयुक्त रूप से 120 किलो न्यूटन थ्रस्ट श्रेणी के इंजन के विकास पर भी बातचीत चल रही है।
उधर, चीन पहले ही पांचवीं पीढ़ी के J-20 विमानों को तैनात कर चुका है और अब J-35, J-36 और J-50 जैसे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर काम कर रहा है। J-36 एक स्टील्थ बॉम्बर है, जिसका डिजाइन अमेरिकी B-21 रडार से प्रेरित है। वहीं, J-50 एक उन्नत AI युक्त फाइटर है, जो ड्रोन स्वार्म को नियंत्रित कर सकता है। हालांकि इन दोनों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारत का AMCA कार्यक्रम, चीन की इस उन्नति को जवाब देने में निर्णायक साबित हो सकता है।

