
भगवानपुर हाट (सिवान), 15 अगस्त एक ओर पूरा देश शुक्रवार को 78वां स्वतंत्रता दिवस उल्लास और गर्व के साथ मना रहा है, वहीं दूसरी ओर बिहार के सिवान जिले से एक बेहद आपत्तिजनक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने सभी को चौंका दिया है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि भगवानपुर हाट प्रखंड के दक्षिणी साघर सुल्तानपुर पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरसैया हिंदी में 15 अगस्त के दिन एक शिक्षक ने बच्चों से देशविरोधी नारे लगवाए। हालांकि हम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। ग्रामीणों ने इसे राष्ट्र की अस्मिता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान बताया है। विद्यालय के प्रधान शिक्षक बृजेंद्र द्विवेदी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिस शिक्षक ने देशद्रोही नारा लगवाया, उसे कड़ी फटकार लगाई गई है। उन्होंने इस हरकत को निंदनीय और विद्यालय की गरिमा के खिलाफ बताया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आ गई है। बीडीओ कुमार विशाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और उन्होंने तत्काल प्रभाव से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को इसकी जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में वरीय अधिकारियों को भी सूचित किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे गंभीर अवसर पर देश विरोधी नारों का उच्चारण बच्चों से करवाना न सिर्फ गलत है, बल्कि देश की एकता और अखंडता पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने शिक्षक पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की प्रमाणिकता और उसमें दिख रहे शिक्षक की भूमिका की जांच गंभीरता से की जा रही है। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि राष्ट्रभक्ति और संवेदनशीलता की शिक्षा देने वाले संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं किस स्तर की लापरवाही और विचारहीनता को दर्शाती हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की हरकत न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा और आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।

