नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) पाकिस्तान ने अपनी रक्षा साझेदारी को विस्तार देते हुए अजरबैजान को JF-17 Thunder Block III फाइटर जेट की पहली खेप सौंप दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पहली खेप में तीन विमान शामिल हैं, जिनमें एक ट्विन-सीट ट्रेनर वर्जन भी है। ये सभी जेट अजरबैजान में देखे गए हैं, जिससे डिलीवरी की पुष्टि होती है।

JF-17 सौदे की अनुमानित कीमत 1.6 अरब डॉलर से 4.6 अरब डॉलर के बीच बताई जा रही है। सौदे के तहत कुल 40 JF-17 विमानों की आपूर्ति की जानी है। पहले चरण में आठ Block III वर्जन दिए जाएंगे, जिनमें छह सिंगल-सीट JF-17C और दो JF-17D ट्रेनर वर्जन शामिल हैं।
अजरबैजान ने अपनी वायुसेना की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह समझौता किया है, खासकर आर्मीनिया के साथ चल रहे तनाव को देखते हुए। अजरबैजान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था।
डिलीवरी के साथ ही पाकिस्तान और अजरबैजान ने एक संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास ‘इंडस शील्ड अल्फा 2025’ की भी शुरुआत की है। इस अभ्यास में पाकिस्तान ने पांच JF-17 Block III जेट तैनात किए हैं। युद्धाभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच टैक्टिकल कोऑर्डिनेशन, इंटरऑपरेबिलिटी और ऑपरेशनल अनुभव साझा करना है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास में मिशन प्लानिंग, थ्रेट रिस्पॉन्स और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
JF-17 Block III, पाकिस्तान का अब तक का सबसे उन्नत फाइटर जेट है, जिसे चीन के सहयोग से विकसित किया गया है। यह जेट AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम (HMDS) और PL-15 लॉन्ग रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस है। इसकी अधिकतम रफ्तार 1.6 मैक (करीब 1,975 किमी/घंटा) है और यह कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और एंगेज करने में सक्षम है।
इस सौदे और अभ्यास के माध्यम से पाकिस्तान, कॉकसस क्षेत्र में अपने सामरिक प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

