नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक ने विवाद को और भड़का दिया है। इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ उभरते हुए अफगानी क्रिकेटर भी शामिल थे। इसके बाद तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है।

तालिबान के इंटीरियर मिनिस्ट्री में डिप्टी मंत्री मौलवी मुहम्मद नबी ओमारी ने धमकी दी कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा ऐसी हरकत की, तो उसकी सेना को “भारतीय बॉर्डर तक खदेड़ दिया जाएगा”। ओमारी ने कहा, “अगर अफगान लोगों ने धार्मिक आदेश से हमलावर घोषित कर दिया, तो पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा भारतीय सीमा तक भी नहीं मिल पाएगी।”
उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति और सेना को लेकर भी हमला बोला और कहा कि पाकिस्तानी सेना और सरकार दूसरों के इशारे पर चलती है। साथ ही, हाल ही में अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप से शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर की मुलाकात को “चापलूसी” करार दिया।
इस बढ़ते तनाव के बीच, दोहा (कतर) में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच सीजफायर पर सहमति बनी। कतर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों ने तुरंत संघर्षविराम लागू करने और स्थायी शांति के लिए संरचनात्मक व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है।
हालांकि, सवाल यह है कि पाकिस्तान इस समझौते का कितना पालन करेगा, क्योंकि यह पहली बार नहीं जब सीजफायर के बावजूद उसने हवाई हमला किया हो। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने भी सीजफायर की पुष्टि की और बताया कि 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में फॉलो-अप मीटिंग होगी।
साल 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद, यह दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी सैन्य तनातनी मानी जा रही है। बॉर्डर पर एक हफ्ते से ज्यादा समय से चली आ रही खूनी झड़पों ने पूरे क्षेत्र में अशांति फैला दी है।

