नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) दक्षिण कोरिया ने अपनी सबसे खतरनाक और आधुनिकतम बैलिस्टिक मिसाइल ह्यूनमू-5 (Hyunmoo-5) की सक्रिय तैनाती की घोषणा कर दी है। रक्षा मंत्री आह्न ग्यूबैक ने कहा कि यह मिसाइल साल के अंत तक ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के लिए तैयार हो जाएगी। इसे उत्तर कोरिया के बढ़ते खतरे के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

ह्यूनमू-5, जिसे कोरिया में “मॉन्स्टर मिसाइल” कहा जाता है, 8 टन तक के वारहेड को ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल उत्तर कोरिया के भूमिगत कमांड बंकरों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है और बिना परमाणु हथियारों के भी सामरिक परमाणु हथियारों जैसी क्षमताएं रखती है।
यह मिसाइल दक्षिण कोरिया की त्रि-आयामी रणनीति- किल चेन, कोरिया वायु और मिसाइल रक्षा (KAMD) और कोरियाई व्यापक दंड और प्रतिशोध (KMPR) का हिस्सा है। ह्यूनमू-5 की तैनाती, उत्तर कोरिया की ह्वासोंग-20 ICBM मिसाइल टेस्टिंग की योजना के बीच बेहद अहम मानी जा रही है।
रक्षा मंत्री आह्न ने योनहाप न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि, “हम अपनी रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने और मिसाइल प्रणालियों के पेलोड व रेंज में सुधार की योजना पर काम कर रहे हैं।”
ह्यूनमू-5 को पहली बार पिछले साल सशस्त्र सेना दिवस पर अनावरण किया गया था और तब से ही यह चर्चा में है। इसके जरिए दक्षिण कोरिया बिना परमाणु हथियारों का सहारा लिए भी उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने की स्थिति में आ जाएगा।
सरकार का मानना है कि नई पीढ़ी की मिसाइल प्रणालियों की संख्या बढ़ाकर देश की सुरक्षा तैयारियों को और मज़बूत किया जाएगा। ह्यूनमू-5 की तैनाती से एशिया-पैसिफिक में सामरिक संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

