पटना, 21 अक्टूबर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 121 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए एनडीए और महागठबंधन दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिसमें साफ झलकता है कि सभी दलों ने जातीय समीकरण साधने की रणनीति अपनाई है।

कांग्रेस ने अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए एक बार फिर सवर्ण, दलित और मुस्लिम वोट बैंक पर भरोसा जताया है, साथ ही पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को भी टिकट देकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। वहीं, बिहार में पहली बार चुनाव लड़ रही जन सुराज पार्टी ने सवर्णों, खासकर भूमिहार जाति पर सबसे अधिक भरोसा जताते हुए 20 भूमिहार और 9 पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी उतारे हैं।
एनडीए ने पहले चरण में 48 सीटों पर सवर्ण प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि महागठबंधन ने 71 सीटों पर पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग को टिकट दिया है।
राजद ने अपने परंपरागत ‘माई समीकरण’ (मुस्लिम-यादव) पर भरोसा जताते हुए 51 में से 34 यादव और 6 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। एनडीए ने केवल 8 यादव, जबकि कांग्रेस ने 2 यादव उम्मीदवार उतारे हैं।
मुस्लिमों को लेकर महागठबंधन ने 8 टिकट दिए हैं, वहीं एनडीए ने पहले चरण में किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है।

