
कसबा:-17 अगस्त (राजेश कुमार झा) जिले के सात विधानसभा सीटों में एक कसबा विधानसभा अपने आप में एक महत्वपूर्ण विधानसभा माना जाता है.वर्तमान में ये कांग्रेस की सीट है.मो0 आफाक आलम वर्तमान में कांग्रेस से विधायक है.जिनकी पकड़ सिर्फ मुसलमानों में ही नहीं बल्कि हिन्दू वोटरों पर भी अच्छा असर है.बताते चलें कि पिछले 2020 के चुनाव में महागठबंधन की तरफ से कांग्रेस के आफाक आलम, एनडीए ने ये सीट हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को दिया था. लेकिन लड़ाई एक तरफा हो जाने से कांग्रेस ने अपनी जीत दर्ज कर ली.बताते चलें कि बिफोरप्रिंट डिजिटल बिहार के सभी सीटों पर वोटरों का मिजाज जानने के लिए चुनावी चौपाल शुरू कर चुकी है. जिनके तहत वोटरों के साथ सीधा संवाद करने के लिए आज बिफोरप्रिंट डिजिटल की टीम आज कसबा के कई पंचायतों में वोटरों की नब्ज टटोलने की कोशिश की.लोगों ने कई महत्वपूर्ण बातें बताई.जनता ने कहा कि इस बार का मुकाबला बड़ा ही दिलचस्प होगा.कांग्रेस उम्मीदवार आफाक आलम के स्वास्थ्य की स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से इस बार किसी दूसरे को टिकट मिलने की प्रबल आशा है.एनडीए गठबंधन की तरफ से कई दिग्गज चेहरे मैदान में है.दूसरी तरफ राजद भी इस सीट में अपना दावा ठोक सकती है.जनसुराज की चर्चा पर बोले कि अभी इनका कोई आधार नहीं है और इस बार वो रेस में भी नहीं रहेगा.क्योंकि जनसुराज का ग्राउंड लेवल पर कुछ भी काम नहीं हो रहा है.

