गोपालगंज, 23 अक्तूबर (निज संवाददाता) जिले में सदर विधानसभा से जनसुराज के प्रत्याशी रहे डॉ. शशि शेखर सिन्हा द्वारा नामांकन वापस लेने का मामला बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने इस मामलें के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी राजीव कुमार सिंह उर्फ गप्पू बाबू को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीके ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गोपालगंज सहित जनसुराज के तीन प्रत्याशियों को बीजेपी नेताओं के दबाव में नामांकन वापस लेना पड़ा। उनका दावा है कि गोपालगंज सीट से उम्मीदवार डॉ. शशि शेखर सिन्हा पर बीजेपी एमएलसी राजीव कुमार सिंह उर्फ गप्पू बाबू द्वारा भारी दबाव डाला गया। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एमएलसी राजीव कुमार ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने प्रशांत किशोर के आरोपों को आधारहीन, झूठा और सस्ती लोकप्रियता पाने का हथकंडा बताया है। श्री कुमार ने कहा कि नामांकन वापस लेना किसी भी उम्मीदवार का व्यक्तिगत निर्णय होता है,और प्रशांत किशोर अपनी असफलता छिपाने के लिए अनर्गल बातें बोल रहे हैं।
उन्होंने जनसुराज अभियान को हवा-हवाई आंदोलन बताते हुए कहा कि इसमें उम्मीदवार अपनी मर्जी से आते-जाते हैं, और बाहरी दबाव का दावा केवल एक राजनीतिक नाटक है। एमएलसी ने साथ ही पीके को सलाह दी कि वे दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी और प्रत्याशियों को संभालने पर ज्यादा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में उनकी दाल नही गलते देख उनमें बौखलाहट आ गई है। बिहार की जनता जनसुराज को एक सिरे से नकार दी है।

