समस्तीपुर, 23 अक्तूबर (समस्तीपुर डेस्क) बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक माने जाने वाले समस्तीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दस वर्षों बाद पुनः आगमन सियासी हलचल पैदा कर रहा है। प्रधानमंत्री 24 अक्टूबर को जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और संभवतः हवाई अड्डा परिसर में एक सभा को संबोधित करेंगे। आधिकारिक रूप से यह दौरा श्रद्धांजलि कार्यक्रम बताया जा रहा है, किंतु राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र रणनीतिक कदम है।

विपक्षी दलों और नागरिकों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। बताया जाता है कि 2015 में हुए विरोध के बाद प्रधानमंत्री ने एक दशक से समस्तीपुर में कोई सभा नहीं की थी। अब, कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलने के बाद मोदी का यह दौरा अति पिछड़े वर्गों से भावनात्मक जुड़ाव की कोशिश माना जा रहा है।
इस बीच, जिले में “वोट चोर गद्दी छोड़” और “बेरोजगारी के खिलाफ एकजुट हों” जैसे नारे युवाओं के बीच गूंज रहे हैं। वहीं, कई पत्रकारों को मीडिया कवरेज से वंचित रखे जाने पर असंतोष है। गोखुल कर्पूरी फुलेश्वर महाविद्यालय, जहां प्रधानमंत्री माल्यार्पण करेंगे, वर्षों से सरकारी उपेक्षा का शिकार बताया जा रहा है। अब यह देखना होगा कि यह दौरा श्रद्धांजलि तक सीमित रहेगा या किसी नई राजनीतिक दिशा की भूमिका बनेगा।

