पटना, 25 अक्तूबर (पटना डेस्क) बिहार की राजनीति में चर्चित बाहुबली क्षेत्र लालगंज विधानसभा सीट पर इस बार महागठबंधन और एनडीए के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। एक ओर आरजेडी ने बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को मैदान में उतारा है, तो दूसरी ओर एनडीए ने अपने मौजूदा विधायक संजय कुमार सिंह पर फिर से भरोसा जताया है। लेकिन चुनावी सरगर्मी के बीच बीजेपी नेताओं की चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, जेल से आ रहे फोन कॉल्स को लेकर स्थानीय बीजेपी नेताओं ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को सूचना दी है। उनका कहना है कि ये कॉल्स चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं और अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो परिणाम एकतरफा हो सकता है।

लालगंज सीट पर आरजेडी और कांग्रेस के बीच टिकट को लेकर खींचतान भी हुई थी। पहले कांग्रेस ने आदित्य कुमार राजा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन महागठबंधन के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। इसके साथ ही मुकाबला अब शिवानी शुक्ला और संजय कुमार सिंह के बीच सीमित हो गया है।
लालगंज की पहचान बाहुबल से जुड़ी रही है। यहां के सबसे चर्चित नाम विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला हैं, जो कुख्यात अपराधी छोटन शुक्ला के छोटे भाई हैं। मुन्ना शुक्ला तीन बार विधायक रह चुके हैं। वे बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में दोषी ठहराए गए थे, लेकिन बाद में पटना हाईकोर्ट से बरी होकर राजनीति में लौटे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी। उनकी पत्नी अन्नु शुक्ला ने भी 2010 में जेडीयू से जीत हासिल की थी।
लालगंज एक ग्रामीण क्षेत्र है, जहां जातीय समीकरण और बाहुबल के साथ विकास भी बड़ा मुद्दा बन गया है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, यहां की आबादी 5,73,916 है, जिनमें कुल 3,50,651 मतदाता हैं। बीजेपी अपनी जीत दोहराने की कोशिश में है, जबकि आरजेडी बाहुबली की बेटी को सामने रखकर मैदान को और रोचक बना चुकी है।

