समस्तीपुर, 02 नवम्बर (समस्तीपुर डेस्क) मोंथा चक्रवाती तूफान के असर से शिवाजीनगर प्रखंड के किसानों पर भारी संकट छा गया है। बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों में खड़ी और कटी हुई धान की फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। कहीं पककर तैयार फसलें झुककर गिर गईं, तो कहीं सुखाने के लिए डाली गई फसलें जलमग्न हो गई हैं।

शिवाजीनगर, बल्लीपुर, बंधार, करियन, बेला चितौड़, छितौनी, दसौत और रहटौली समेत कई गांवों में जलजमाव से फसलें सड़ने लगी हैं। किसानों ने बताया कि निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। किसान सोनू कुमार ने कहा, “धान कटनी के लिए तैयार थी, लेकिन तूफान ने सब बर्बाद कर दिया।” वहीं मधुरापुर के सुनील कुमार ने बताया कि “धान सुखाने के लिए खेत में डाली थी, मगर बारिश से सब डूब गया और अब फसल सड़ रही है।”
लगातार 36 घंटे की बारिश और तेज हवा से न केवल फसलें, बल्कि जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो गए हैं और बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द मौसम नहीं सुधरा, तो भारी आर्थिक नुकसान तय है।

