नई दिल्ली, 3 नवंबर (अशोक “अश्क”) किन्नर अखाड़े में एक के बाद एक विवाद सामने आने के बीच अब बड़ी खबर यह है कि अखाड़े में दो फाड़ हो गई है। किन्नर अखाड़े की प्रदेश अध्यक्ष स्वामी कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने किन्नर अखाड़ा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को टीना मां प्रयागराज में सनातनी किन्नर अखाड़ा का गठन करेंगी।

वर्तमान में किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ संबद्ध है। किन्नरों की तरफ से गठित नए अखाड़े की प्रदेश अध्यक्ष टीना मां सुबह दस बजे प्रयागराज स्थित न्यू बैरहना के दुर्गा पूजा पार्क में सनातनी किन्नर अखाड़े का गठन करेंगी। इस अवसर पर टीना मां आचार्य महामंडलेश्वर के पद पर पट्टाभिषेक करेंगी।
बताया जा रहा है कि सनातनी किन्नर अखाड़े के कार्यक्रम में मुंबई की जानी-मानी सोशल वर्कर व फिल्म अभिनेत्री श्रीगैरी सांमत, दिल्ली की प्रख्यात तंत्र साधिका भवानी मां और डॉली मां भी उपस्थित रहेंगी। इस मौके पर अयोध्या, कानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर और वाराणसी के किन्नर भी मौजूद रहेंगे और किन्नर गुरुओं से आशीर्वाद ग्रहण करेंगे।
आपको बता दें कि 13 अक्टूबर 2015 को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित आश्रम अध्यात्म वाटिका में किन्नर अखाड़े का गठन किया गया था। 2019 के प्रयागराज कुंभ में यह अखाड़ा सुर्खियों में आया था और उसी वर्ष किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े से समझौता कर लिया था। फिलहाल किन्नर अखाड़ा अभी भी जूना अखाड़े के साथ संबद्ध है।
किन्नर अखाड़े के वर्तमान आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हैं। जनवरी 2025 में महाकुंभ में भी किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान किया था। नए सनातनी किन्नर अखाड़े के गठन से अखाड़े की गतिविधियों और धार्मिक परंपराओं में नया मोड़ आएगा, जबकि किन्नर समाज में इसके प्रभाव और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

