नई दिल्ली, 04 नवंबर (अशोक “अश्क”) गाजा युद्ध के खत्म होने के बाद भारत और इजरायल IMEC (इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर) आर्थिक गलियारे पर काम को तेज करने के लिए तैयार हैं। इसी सिलसिले में इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत का दौरा किया और नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इस गलियारे के विस्तार और शीघ्र प्रगति पर सहमति जताई।

सार की यह भारत यात्रा इजरायली विदेश मंत्री के रूप में पहली है। यह दौरा दिसंबर में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संभावित भारत यात्रा से पहले हो रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता में गाजा युद्धविराम के बाद सार की यात्रा को विशेष महत्व प्राप्त है, जिसमें कई बंधकों और मृतकों के परिवारों की सहायता भी शामिल रही। इस युद्धविराम ने IMEC गलियारे पर काम को फिर से गति देने का अवसर दिया है।
IMEC परियोजना का उद्देश्य भारत और अरब प्रायद्वीप के बीच मजबूत समुद्री संपर्क स्थापित करना है। इसमें संयुक्त अरब अमीरात के बंदरगाहों से सऊदी अरब और जॉर्डन होते हुए इजरायल के हाइफा बंदरगाह तक तेज गति वाली ट्रेनों का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ हाइड्रोजन पाइपलाइन, बिजली कनेक्शन, तेज गति वाली समुद्री डिजिटल केबल और मौजूदा बुनियादी ढांचे का एकीकृत नेटवर्क बनाने की योजना है।
IMEC का प्रस्ताव G20 शिखर सम्मेलन 2023 में रखा गया था, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के कारण प्रगति रुक गई थी। उस हमले में 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 बंधक बनाए गए थे। इसके बाद इजरायल ने गाजा पर हमला किया, जिससे युद्ध लगभग दो साल तक चला और 68,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह न केवल इजरायल और फिलिस्तीनी लोगों, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इसे पश्चिम एशियाई क्षेत्र में स्थायी विकास और सहयोग का व्यवहार्य मार्ग बताया।

