नई दिल्ली, 06 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारत के पांचवीं पीढ़ी के पहले स्टील्थ फाइटर जेट AMCA प्रोजेक्ट में नई रफ्तार आ गई है। डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (DTL) अब इस परियोजना में शामिल हो गई है। लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड पहले से हिस्सेदार हैं। DTL के पास तीन दशकों से अधिक समय में दस हजार से अधिक विमानों के ढांचे बनाने का अनुभव है। कंपनी भारत और यूनाइटेड किंग्डम में आधारित है तथा छह महाद्वीपों में उसका कारोबार फैला हुआ है। DTL जटिल एयरोस्पेस संरचनाओं और कल-पुर्जों में माहिर है जबकि L&T को इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है।

BEL के पास एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षमताएँ हैं जो इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण हैं। DTL के सीईओ उदयंत मल्होत्रा ने कहा कि उनकी विरासत और एल एंड टी की दक्षता एक खास गठजोड़ बनाती है। एल एंड टी के वरिष्ठ अधिकारी अरुण रामचंदानी ने कहा कि साझेदारी से इंडियन एयरोस्पेस इकोसिस्टम को नई पहचान मिलेगी। AMCA प्रोजेक्ट का लक्ष्य भारतीय वायु सेना और नौसेना के लिए स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर विकसित करना है। इन विमानों की डिजाइन रडार सिग्नलों को चकमा देने और उच्च सेंसर तथा हथियार प्रणालियों के साथ समेकित करने पर केंद्रित होगी। पहला प्रोटोटाइप 2028 के आसपास उभरने की उम्मीद जताई जा रही है और उत्पादन 2035 के आसपास शुरू हो सकता है। DRDO और HAL के साथ मिलकर यह परियोजना अत्याधुनिक सामग्री, सॉफ़्टवेयर और प्रणालियों का उपयोग करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA केवल पाँचवीं पीढ़ी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उससे आगे की क्षमताएँ भी पेश कर सकता है। इससे घरेलू एयरोस्पेस उद्योग को नई उत्पादन और आपूर्ति चेन क्षमताएँ विकसित करने का अवसर मिलेगा। साझेदारी से नौकरी, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी स्थानांतरण के भी अवसर बढ़ेंगे। सरकारी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह भारत की महत्वाकांक्षा सशक्त करेगा।

