पटना, 08 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार की मोकामा विधानसभा सीट इस बार सुर्खियों में है। बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या के बाद यहां चुनावी माहौल पूरी तरह बदल गया। हत्या का आरोप जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह पर लगा, जिनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीति और भी गर्मा गई। अनंत सिंह जहां अपनी जीत की परंपरा बचाने की चुनौती में हैं, वहीं पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी इतिहास दोहराने की कोशिश में जुटी हैं। जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी भी दोनों दिग्गजों को टक्कर दे रहे हैं। 6 नवंबर को मतदान हो चुका है और अब 14 नवंबर को रिजल्ट तय करेगा कि मोकामा में किसकी सरकार बनेगी।

30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की हत्या से पहले चुनाव बराबरी का था, लेकिन उसके बाद भूमिहार वोट तेजी से एकजुट हुए। वहीं आरजेडी के परंपरागत यादव वोटों में भी दरार दिखी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि वीणा देवी का दुलारचंद की शव यात्रा में शामिल होना उनके लिए उलटा साबित हुआ। उधर जदयू के कोर वोटर धानुक समुदाय ने पीयूष प्रियदर्शी पर हमले के बाद दूरी बना ली। ऐसे में मोकामा का नतीजा इस बार बेहद चौंकाने वाला हो सकता है—क्या “छोटे सरकार” अनंत सिंह अपनी सीट बचा पाएंगे या मोकामा में बदलेगा निजाम, ये 14 नवंबर को साफ होगा।

