नई दिल्ली, 11 नवम्बर (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय भूटान दौरे पर राजधानी थिंपू पहुंच गए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, कई वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। मोदी 11 और 12 नवंबर को भूटान में रहेंगे। यह दौरा भारत-भूटान के ऐतिहासिक और सामरिक संबंधों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने में पूरे देश के साथ शामिल हूं।” थिंपू एयरपोर्ट पर पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
दौरे से पहले जारी बयान में सी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि मेरा यह दौरा हमारी दोस्ती के बंधन को और गहरा करेगा और साझा प्रगति व समृद्धि की दिशा में हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा।” उन्होंने कहा कि भारत-भूटान की साझेदारी “नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी” का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और यह पड़ोसी देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों का आदर्श मॉडल है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री तोबगे के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेता भारत-भूटान के संयुक्त सहयोग से बने 1020 मेगावाट के पुनात्सांगछू-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी करेंगे, जो भूटान की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और भारत की स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में भी शामिल होंगे। इस अवसर को दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का उत्सव माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि यह दौरा भारत और भूटान के बीच “दोस्ती और सहयोग के विशेष संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।”
दौरे के दौरान भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों के प्रदर्शन का आयोजन भी किया गया है, जिन्हें भारत से विशेष रूप से भूटान भेजा गया है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

