गोपालगंज (सेंट्रल डेस्क) यूं तो साइबर ठगों का आतंक पूरे देश में है। ये साइबर अपराधी आम लोगों को तो आये दिन निशाना बना रहे हैं। लेकिन इस बार साइबर ठगों ने एसपी अवधेश दीक्षित को निशाना बनाते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी के नाम पर फर्जी कॉल और व्हाट्सएप व नार्मल मैसेज भेजकर दारोगा की पोस्टिंग की सिफारिश की। इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए एसपी ने साइबर थाना को जांच और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। प्राथमिक जांच में पता चला कि कॉल और मैसेज फर्जी थे और साइबर ठगी की नीयत से किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 12 अगस्त की शाम करीब 7 बजे एसपी के सरकारी व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में खुद को सीएम हाउस का ओएसडी बताते हुए एक विशेष दारोगा को एसएचओ बनाने की मांग की गई थी। जांच के क्रम में साइबर थाना की टीम ने फर्जी संदेश भेजनेवाले की पहचान कर ली है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ फर्जीवाड़ा, सरकारी पदाधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने व साइबर अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसपी के निर्देश पर साइबर थाने की थानाध्यक्ष सह डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण से फर्जी मैसेज भेजने वाले की पहचान हो गई। पुलिस ने उसके खिलाफ IPC की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा छल), 420 (धोखाधड़ी), और IT एक्ट की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक, ठग ने सरकारी अधिकारी बनकर पुलिस सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की थी। जांच में यह भी पता चला कि यह अकेले यह काम नही करता बल्कि इसके साथ एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। इस बीच जिस दारोगा के लिए सिफारिश की गई थी,उसपर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह इस साजिश में शामिल था या अनजाने में उसका नाम इस्तेमाल हुआ है। इस पूरे मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार के नेतृत्व में की जा रही है. एसपी अवधेश दीक्षित ने साफ कहा, ऐसी फर्जी पैरवी बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों को सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा कर रख दिया है।

