नई दिल्ली, 11 नवम्बर (अशोक “अश्क”) दिल्ली-एनसीआर की हवा इस सीजन में पहली बार ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 425 तक बढ़ने के बाद एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने GRAP-3 लागू कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार में AQI 412, अलीपुर 442, बवाना 462, चांदनी चौक 416, आरके पुरम 446 और पटपड़गंज 438 दर्ज किया गया।

पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 9 नवंबर 2025 तक दिल्ली का औसत AQI 175 रहा, जबकि पिछले साल इसी समय ये 189 था। यानी हवा इस बार पिछले साल के मुकाबले थोड़ी बेहतर है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में भी कमी आई है। पंजाब में 15 सितंबर से 9 नवंबर तक 4,062 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि पिछले साल 6,266 मामले थे। हरियाणा में इस साल सिर्फ 333 मामले सामने आए, पिछले साल 959 थे।
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए बनाया गया है। इसमें चार स्तर तय हैं: खराब (AQI 201–300), बहुत खराब (301–400), गंभीर (401–450) और बेहद गंभीर (450 से ऊपर)। GRAP-3 लागू होने के बाद गैर-जरूरी निर्माण और मिट्टी खोदने, पाइलिंग, ट्रेंचिंग, खुले में कंक्रीट तैयार करने जैसे काम पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों पर रोक लगाई गई है। स्टोन क्रशर, हॉट-मिक्स प्लांट और डीजल जनरेटर का इस्तेमाल केवल जरूरी सेवाओं के लिए ही अनुमति होगी। साथ ही, दिल्ली में चलने वाली डीजल बसों पर भी रोक लागू कर दी गई है।

