नई दिल्ली, 11 नवंबर (अशोक “अश्क”) भारत और पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी बम विस्फोट की घटनाएँ सामने आई हैं। अलग-अलग इलाकों में हुए इन विस्फोटों में गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। विस्फोटों में देसी बम का इस्तेमाल किया गया और प्रभावित इलाकों में सार्वजनिक परिवहन, मोहम्मद यूनुस और मत्स्य पालन सलाहकार से जुड़े संस्थान, नेशनल सिटिजन पार्टी का कार्यालय और धार्मिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।

ढाका पुलिस के अनुसार, दिनभर में कुल 11 स्थानों पर बम फेंके गए और तीन बसों में आग लगा दी गई। आगजनी और विस्फोट के बाद पूरे शहर में लोगों में डर और सहम गया। पुलिस मुख्यालय ने 13 नवंबर से पहले सुरक्षा बढ़ाने और गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है, जब अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मामला फैसला सुनाएगा।
कल रात जारी बयान में, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने बताया कि पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन ने हमलों में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि धार्मिक सह-अस्तित्व को बाधित करने के किसी भी प्रयास का कड़ा कानूनन जवाब दिया जाएगा।
दिन की घटनाओं में पहला विस्फोट सुबह 3:45 बजे यूनुस से जुड़े संस्थान के सामने हुआ। इसके बाद चार घंटे में मोहम्मदपुर में मत्स्य पालन संस्थान और धानमंडी में इब्न सिना अस्पताल व मिडास सेंटर के सामने बम फेंके गए। शाम 6:00 बजे से रात 11:10 बजे तक शहर के विभिन्न हिस्सों में कई और विस्फोट हुए, जिनमें मीरपुर, अगरगांव, खिलगांव और शाहजहाँपुर शामिल हैं।
दिन की सबसे नाटकीय घटना रात 11:10 बजे एनसीपी कार्यालय पर हुई, जिसमें एक राहगीर मामूली रूप से घायल हुआ। पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। इसके अलावा, ककरैल और मोहम्मदपुर में धार्मिक संस्थानों के पास भी बम फेंके गए और धानमंडी व शाहजादपुर में बसों में आग लगाई गई।

