पटना, 13 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार महिलाओं ने मतदान में ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज कराई है। 14 नवंबर को आने वाले नतीजों से पहले आंकड़े बताते हैं कि “आधी आबादी” ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। पहले जहां महिलाएं मतदान केंद्र तक आने में झिझकती थीं, वहीं इस बार वे सुबह से लेकर शाम तक उत्साहपूर्वक वोट देने पहुंचीं।

चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में पुरुषों की तुलना में 7.48 फ़ीसदी और दूसरे चरण में 10.15 फ़ीसदी अधिक महिलाओं ने मतदान किया। इससे साफ है कि बिहार की राजनीति में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
दूसरे चरण में मतदान ने पहले चरण के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। मधेपुरा, सहरसा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में पहले चरण में 75 फीसदी से अधिक महिलाओं ने वोट डाला था, लेकिन दूसरे चरण में यह आंकड़ा कई जिलों में 80 फ़ीसदी पार कर गया। सुपौल में 83.69%, पूर्णिया में 83.66%, कटिहार में 84.13% और किशनगंज में सबसे अधिक 88.57% महिलाओं ने मतदान किया। इसके मुकाबले पुरुषों की भागीदारी किशनगंज में केवल 69.07% रही।
यह बढ़ी हुई भागीदारी बताती है कि बिहार की महिलाएं अब न केवल राजनीति में रुचि दिखा रही हैं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूती भी दे रही हैं।

