नई दिल्ली, 13 नवम्बर (अशोक “अश्क “) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ काम आसान नहीं बना रहा, बल्कि बुज़ुर्गों की रिटायरमेंट इनकम बढ़ाने में भी मदद कर रहा है। फोर्ब्स की नई रिपोर्ट के अनुसार, AI से बढ़ती ग्लोबल प्रोडक्टिविटी और कंपनियों का मुनाफा आने वाले वर्षों में रिटायर लोगों की महीने की कमाई दोगुनी कर सकता है।

AI की वजह से कंपनियां कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर पा रही हैं, जिससे उनका मुनाफा बढ़ता है। जब कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है, तो उनके शेयरों की कीमतें भी बढ़ती हैं, और रिटायरमेंट फंड को पहले से ज्यादा रिटर्न मिलता है। इससे निवेशक सुरक्षित रूप से अपनी सालाना निकासी 4% से बढ़ाकर 8% तक कर सकते हैं।
फाइनेंशियल एडवाइजर विलियम बेन्गन ने 1994 में कहा था कि रिटायर लोग सालाना केवल 4% निकालें ताकि पैसे जल्दी खत्म न हों। लेकिन अब AI की वजह से बाजार की बढ़त देख, बेन्गन मानते हैं कि 8% या उससे ज्यादा रकम सुरक्षित रूप से निकाली जा सकती है।
एडम्स डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड (ADX) जैसे कई इक्विटी फंड, जो माइक्रोसॉफ्ट, Nvidia, एप्पल जैसी AI से लाभ कमाने वाली कंपनियों में निवेश करते हैं, अब बढ़ते डिविडेंड दे रहे हैं। AI सिर्फ निवेश बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खर्च और वित्तीय प्लानिंग में भी मदद कर रहा है। AI ऐप्स और रोबो एडवाइजर्स युजर के खर्च ट्रैक करके बताते हैं कि किस निवेश से ज्यादा स्थिर इनकम मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI से रिटायरमेंट फंड्स की सुरक्षा और वृद्धि दोनों सुनिश्चित हो रही है। पहले जहां केवल 4% निकासी संभव थी, अब वही निवेश दोगुनी इनकम देने में सक्षम है। यह तकनीक बुज़ुर्गों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सुरक्षित जीवन जीने का नया रास्ता दिखा रही है।

