नई दिल्ली, 18 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारत और रूस अगले महीने की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करने के लिए कई समझौतों, पहलों और परियोजनाओं पर विचार कर रहे हैं। इस यात्रा की तैयारियों के तहत विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार (17 नवंबर) को मॉस्को में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मिले और दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता हुई।

जयशंकर ने बैठक में अपने प्रारंभिक भाषण में कहा, ‘‘यह अवसर मेरे लिए और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौतों, पहलों और परियोजनाओं पर चर्चा हो रही है और आने वाले दिनों में इनके अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रयास भारत-रूस की विशेष और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
विदेश मंत्री ने रूसी-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के हालिया प्रयासों का समर्थन भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयासों का समर्थन करता है और आशा करता है कि सभी पक्ष इस लक्ष्य की ओर रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे।’’
जयशंकर की यह यात्रा पुतिन की नई दिल्ली यात्रा की तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए पांच दिसंबर के आसपास भारत आने की संभावना है। शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
अब तक भारत और रूस के बीच बारी-बारी से 22 वार्षिक शिखर बैठकें हो चुकी हैं, और 23वें सम्मेलन से दोनों देशों के सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना जताई जा रही है।

