नई दिल्ली, 19 नवम्बर ( अशोक “अश्क”) बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने अपनी मां के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया को अवैध बताते हुए ढाका के प्रत्यर्पण अनुरोध पर तीखा हमला बोला है। भारत में आश्रय मिलने के बाद एएनआई से बातचीत में सजीब वाजेद ने कहा कि बांग्लादेश सरकार का प्रत्यर्पण अनुरोध न तो न्यायसंगत है, न ही वैध, और भारत इस पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और कानून के शासन पर उन्हें पूर्ण विश्वास है।

सजीब के अनुसार अगस्त 2024 में शेख हसीना की हत्या की योजना कट्टरपंथी समूहों द्वारा बना ली गई थी, ऐसे में भारत ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाकर उनकी जान बचाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा, “यदि वह बांग्लादेश में रहतीं, तो उन्हें मार दिया जाता।”
उन्होंने बांग्लादेश में चल रही न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक ट्रायल शुरू होने से पहले 17 जजों को हटा दिया गया, कई कानून बिना संसद की मंजूरी के बदले गए और रक्षा वकीलों को अदालत में प्रवेश तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि “जहां न्यायिक प्रक्रिया ही मौजूद नहीं है, वहां दुनिया का कोई भी देश प्रत्यर्पण स्वीकार नहीं करेगा।”
जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों पर सजीब ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार शुरुआत में स्थिति संभालने में चूक गई, पर उन्होंने इसे स्वतःस्फूर्त जनआक्रोश नहीं, बल्कि संगठित राजनीतिक तख्तापलट बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिम यूनुस सरकार ने उनके शासनकाल में दोषी ठहराए गए हजारों आतंकवादियों को रिहा कर दिया, जिससे सुरक्षा स्थिति बिगड़ चुकी है।
सजीब ने दावा किया कि लश्कर-ए-तैयबा बांग्लादेश में सक्रिय है और भारत में हालिया आतंकी हमलों से उसके स्थानीय नेटवर्क का संबंध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में हथियारबंद तत्व शामिल थे और ये हथियार आईएसआई द्वारा उपलब्ध कराए गए।
अमेरिका पर भी सजीब ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने USAID के जरिए बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के लिए लाखों डॉलर खर्च किए, जबकि ट्रंप प्रशासन इस्लामवादी आतंक के बढ़ने को लेकर अधिक चिंतित था।
अंतरिम सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि “एक साल से गैर-निर्वाचित सरकार सत्ता में है, हजारों राजनीतिक बंदी बिना ट्रायल के जेल में हैं और 100 से अधिक पूर्व सांसद हिरासत में हैं।”
अपनी मां की सरकार में भ्रष्टाचार के सवाल पर सजीब ने कहा कि भ्रष्टाचार था, लेकिन दावा किया कि हसीना सरकार ने बांग्लादेश को सबसे भ्रष्ट देशों की सूची से बाहर निकालकर उसे संभावित ‘एशियन टाइगर’ की राह पर खड़ा किया।

