पटना, 21 नवम्बर (पटना डेस्क) शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किशनगंज और अररिया जिले में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जमीन अचानक हिलते ही लोग घबराकर घरों व दुकानों से बाहर निकल आए। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.6 दर्ज की गई। इसका केंद्र बांग्लादेश की राजधानी ढाका से लगभग 42 किलोमीटर दूर नर्सिंगदी क्षेत्र में स्थित था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झटकों के दौरान घरों में लगे पंखे, दरवाजे और बर्तन तक हिलने लगे थे। हालांकि झटका कुछ ही सेकेंड का था, लेकिन लोगों में दहशत काफी बढ़ गई। बाद में किसी दूसरे झटके की पुष्टि नहीं हुई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। सुबह के समय आए इस भूकंप से भय का माहौल अभी भी बना हुआ है, हालांकि अब तक किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, देश को भूकंप संवेदनशीलता के आधार पर पांच जोनों में बांटा गया है—जोन-2 से जोन-5 तक। जोन-5 को सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है, जिसमें देश का 11% हिस्सा आता है। इसमें कश्मीर घाटी, हिमाचल प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा, उत्तराखंड का पूर्वी क्षेत्र, गुजरात का कच्छ और बिहार का उत्तरी इलाका शामिल है।
जोन-4 में देश का 18% हिस्सा आता है। इसमें जम्मू-कश्मीर के शेष क्षेत्र, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के अधिकांश इलाके, दिल्ली, हरियाणा–पंजाब के कुछ हिस्से, बिहार–पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों के अलावा महाराष्ट्र का तटीय भाग शामिल है।
जोन-3 में लगभग 30% हिस्सा है, जिसमें केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश–हरियाणा के कुछ हिस्से, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई क्षेत्र आते हैं।
जोन-2 में राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्से आते हैं। देश का 59% हिस्सा भूकंप जोखिम जोन में शामिल है।

