
समस्तीपुर, 22 नवंबर (मोहम्मद जमशेद) समस्तीपुर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत फुटपाथी दुकानदारों को हटाए जाने पर भाकपा (माले) नेता और जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उजाड़ने से पहले शहर में खाली पड़ी सरकारी जमीन—स्कूल, कॉलेज, रेलवे, जिला परिषद, नगर निगम आदि की परिसरों में या चारदीवारी पीछे कर दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। इससे न केवल उनका जीविकोपार्जन सुरक्षित रहेगा, बल्कि सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा।
सिंह ने आरोप लगाया कि कमजोर वर्गों पर बुलडोजर चलाना प्रशासन की आसान कार्रवाई बन गई है, जबकि रसूखदार लोग सरकारी जमीन, तालाब और पोखर पर कब्जा कर अट्टालिकाएं खड़ी किए बैठे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि समस्तीपुर की 80-80 फीट सड़कें कहां गायब हो गईं और काशीपुर-मुसापुर पोखर, स्टेशन चौक, चीनी मिल चौक एवं मगरदही घाट आज तक अतिक्रमणमुक्त क्यों नहीं हो सके?
माले नेता ने फुटपाथी दुकानदारों को शहर के आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि ये दुकानदार किफायती वस्तुएं उपलब्ध कर शहरी गरीबों, प्रवासियों और कामकाजी वर्ग का सहारा बनते हैं। वे सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करते हैं।
उन्होंने मांग की कि शहर विकास योजनाओं में फुटपाथी दुकानदारों को संगठित कर, नियमों और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल किया जाए, ताकि वे समस्या नहीं बल्कि विकास के साझेदार बन सकें।

