नालंदा, 26 नवम्बर (अविनाश पाण्डेय) स्नातक अधिकार मंच के संयोजक दिलीप कुमार ने प्रेस बयान जारी करते हुए बताया कि 2026 में प्रस्तावित स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर चल रही वोटर बनने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण अद्यतन किया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वोटर बनने की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2025 तय थी।

इसी अवधि में बनाए गए सभी वोटरों की प्रथम प्रकाशित सूची 25 नवंबर 2025 को जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारियों के कार्यालयों में जारी कर दी गई है।दिलीप कुमार ने बताया कि सूची प्रकाशित होने के बाद 10 दिसंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने की समयावधि निर्धारित की गई है। सभी आवेदनकर्ता अपने-अपने प्रखंडों तथा जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय जाकर अपना नाम सूची में जांच सकते हैं। यदि नाम शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है तो वे निर्धारित फॉर्म 7 एवं 8 भरकर दावा-आपत्ति कर सकते हैं।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक ऐसे स्नातक, जो किसी कारणवश वोटर बनने से वंचित रह गए हैं, वे फॉर्म 18 भरकर प्रखंड, जिला या कमिश्नरी कार्यालय में जमा कर नया पंजीकरण करा सकते हैं।स्नातक अधिकार मंच ने 2022 तक स्नातक या समकक्ष डिग्री प्राप्त कर चुके युवाओं, शिक्षित वर्ग तथा नौकरीपेशा डिग्री धारकों से इस बार अवश्य वोटर बनने की अपील की है। दिलीप कुमार ने बताया कि मंच ने 2020 के स्नातक चुनाव में भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया था। इस बार भी पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तीनों जिलों में मंच के कार्यकर्ता 10 दिसंबर तक निरंतर वोटर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

