पटना, 29 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार में महिला सशक्तीकरण की नई तस्वीर उभरते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को महिला रोजगार योजना के तहत 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की। इस मौके पर उन्होंने साफ कहा कि “उद्यमी महिलाओं को बीच में नहीं छोड़ेंगे, सरकार लगातार उनके साथ खड़ी रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जिन महिलाएं अपना रोजगार विस्तार करना चाहती हैं, उन्हें सरकार दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी।
लेकिन इसी बीच नवादा से बड़ा विवाद सामने आया है। यहां योजना की राशि नहीं मिलने से हजारों महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं का आरोप है कि फॉर्म भरने और अन्य प्रक्रियाओं के लिए उनसे 50 से 100 रुपये तक वसूले गए, लेकिन आज तक योजना का पैसा नहीं मिला। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें 10 हजार रुपये नहीं दिए गए, तो वे जीविका कार्यालय में ताला लगाकर सड़क जाम कर देंगी।
नवादा के सिरदला में बुधवार को गुस्साई महिलाएं जीविका कार्यालय पहुंचीं। पूछताछ पर कार्यालय में मौजूद पदाधिकारी भाग खड़े हुए। महिलाओं ने भागते हुए एरिया कोर्डिनेटर राजकुमार को पकड़ लिया और योजना की राशि रोके जाने का कारण पूछा। आरोप है कि पैसे लेकर भी फॉर्म जमा नहीं किए गए और कई फॉर्म तो गायब कर दिए गए।
महिलाओं का कहना है कि वे 2011 से जीविका से जुड़ी हैं, फिर भी 11 समूहों की 11 हजार से अधिक महिलाएं तीन महीने से “आज-कल” कहकर टाल दी जा रही हैं।
आक्रोशित महिलाएं बाद में प्रखंड कार्यालय पहुंचीं और अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि 705 समूहों का आईडी 2014 से एमआईएस में दर्ज है, फिर भी लाभ नहीं मिल रहा। महिलाओं ने दो टूक चेतावनी दी अगर राशि नहीं मिली तो आंदोलन और भी उग्र होगा।

