नई दिल्ली, 29 नवम्बर (अशोक “अश्क”) प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांतको शनिवार को आयोजित अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और मीडिया के सामने न्यायाधीशों के तनाव और स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों का कार्य घंटों लंबा और अत्यंत तनावपूर्ण होता है, इसलिए अवकाश के दौरान मनोरंजक गतिविधियों में समय बिताना बेहद जरूरी है।

सीजेआई ने विशेष रूप से वर्कहोलिक न्यायाधीशों को सलाह दी कि वे मनोरंजन और खेल को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। “न्यायाधीशों को अपनी उम्र और फिटनेस के अनुसार मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। यह न केवल तनाव कम करता है, बल्कि शरीर और मन को तरोताजा रखता है,” उन्होंने कहा।
सूर्यकांत ने बताया कि उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश इस चैंपियनशिप में भाग लेकर अपने स्वास्थ्य और भलाई के प्रति जागरूकता दिखा रहे हैं। दो दिन तक चलने वाली यह प्रतियोगिता त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई, जिसमें कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री किरन रीजीजू और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीश भी मौजूद थे।
समापन और पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका ने किया।
सीजेआई सूर्यकांत का यह संदेश न्यायिक प्रणाली में मानव संसाधन की देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबी कार्य अवधि और बैठने के घंटे न्यायाधीशों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन नियमित खेल और मनोरंजन से तनाव और थकान को कम किया जा सकता है।

