नई दिल्ली, 02 दिसम्बर (अशोक “अश्क”) संचार साथी एप को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष की आलोचनाओं को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि जब विपक्ष के पास मुद्दों की कमी होती है, तो वे भ्रम फैलाने में लग जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संचार साथी एप उपभोक्ता सुरक्षा के लिए बनाया गया है, न कि किसी की जासूसी करने के लिए।सिंधिया ने आंकड़ों के साथ विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए बताया कि अब तक संचार साथी पोर्टल का उपयोग 20 करोड़ से अधिक लोग कर चुके हैं और एप 1.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इस एप और पोर्टल की मदद से सरकार ने 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए हैं। इतना ही नहीं, 20 लाख चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए और 7.5 लाख से अधिक मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए गए हैं—जो इस प्लेटफॉर्म की सफलता का बड़ा प्रमाण है।जासूसी के आरोपों पर मंत्री ने दो टूक कहा कि संचार साथी एप किसी भी प्रकार की कॉल मॉनिटरिंग या निजी डेटा की निगरानी नहीं करता। उन्होंने कहा, “यह एप पूरी तरह वैकल्पिक है। उपभोक्ता चाहे तो इसे एक्टिवेट करे या डीएक्टिवेट। जरूरत न हो तो साधारण एप की तरह डिलीट भी कर सकता है।”सिंधिया ने दोहराया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े सभी साधन लोगों तक पहुंचें, मगर फोन में एप रखना या न रखना पूरी तरह उपयोगकर्ता की मर्जी पर है। उनके इस बयान से एप को लेकर जारी भ्रम और राजनीतिक विवाद पर विराम लगाने की कोशिश साफ झलकती है।

