पूर्णिया, 03 दिसंबर (राजेश कुमार झा) अगर आप टैटू के शौकीन हो तो हो जाएं सावधान,क्योंकि त्वचा के जिस हिस्से में टैटू बनी है.

वहां पर कैंसर होने का खतरा ज्यादा बना रहता है.बताते चलें कि हाल ही में स्वीडन के ल्यूंड विवि के विशेषज्ञों ने तकरीबन 2880 मरीजों की जानकारी ली.जिसमें टैटू,धूप एक्सपोजर तथा अन्य रिस्क फैक्टर्स का विश्लेषण किया.उनके अनुसार काली एवं रंगीन इंक में मौजूद पॉलियरोमेटिक हाइड्रोकार्बन और एजो पिगमेंट कैंसर का कारण हो सकते है.अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के टैटू में काली और रंगीन दोनों तरह की इंक थी. उनका रिस्क 38 प्रतिशत बढ़ा.10 से 15 साल के पुराने टैटू में खतरा ज्यादा होने का चांस बनता है.

