नालंदा, 03 दिसम्बर (अविनाश पांडेय) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित “मेधा दिवस” समारोह में नालंदा जिले ने एक बार फिर गौरव का परचम लहराया। जिले के मेहनती और दक्ष प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार को मंच पर सम्मानित किया गया। समिति की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, आई–पैड और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उन्हें माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2025 के स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं सफल संचालन, उत्तरपुस्तिकाओं की उत्कृष्ट बारकोडिंग व्यवस्था, तथा पारदर्शी मूल्यांकन कार्य के दिशा में नालंदा प्रशासन द्वारा दिए गए अनुकरणीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।मेधा दिवस का आयोजन राष्ट्रपिता सदृश व्यक्तित्व वाले देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर पटना के ज्ञान भवन, सम्राट अशोक कन्वेंशन हॉल में भव्य रूप से किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र–छात्राएं और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण नालंदा डीएम को दिया गया सम्मान रहा, जिसने जिले को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अग्रणी स्थान पर पहुंचाने के प्रयासों को नई पहचान दी है।समारोह के दौरान समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि नालंदा जिला प्रशासन ने वर्ष 2025 की परीक्षाओं में अनुकरणीय पारदर्शिता कायम की। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, कदाचार पर सख्ती, उत्तरपुस्तिकाओं की व्यवस्थित बारकोडिंग और मूल्यांकन केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था—इन सबने नालंदा को राज्यभर में एक मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नालंदा प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक समुदाय और विद्यार्थियों के सामूहिक सहयोग का परिणाम है।नालंदा जिला प्रशासन ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान जिले को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में नालंदा भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।मेधा दिवस पर मिला यह सम्मान नालंदा जिले के लिए शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता का प्रमाण बनकर उभरा है।

