पटना, 06 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहली बार खुलकर सामने आए हैं। कपिल सिब्बल को दिए एक टीवी इंटरव्यू में तेजस्वी ने चुनाव प्रक्रिया पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि इस बार की लड़ाई लोकतंत्र और अदृश्य शक्तियों के बीच थी, और दुर्भाग्य से लोकतंत्र हार गया।तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने बूथ और मशीनें बढ़ाकर चुनाव में खेल किया, जबकि चुनाव आयोग ने भी “खुली बेईमानी” की।

उन्होंने दावा किया कि वोटिंग के दिन तक लोगों के खातों में 10-10 हजार रुपए डाले गए। उनके मुताबिक, “इस चुनाव में मशीनरी जीती है, लोकतंत्र हारा है। PM का एजेंडा था—कुछ भी करो, लेकिन चुनाव जीतना है।”उन्होंने कहा कि बिहार सबसे गरीब राज्य है, जहां उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य बदहाली से जूझ रहे हैं। बेरोजगारी इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा था। राज्य से लोग तीन वजहों से बाहर जाते हैं—पढ़ाई, कमाई और दवाई। तेजस्वी ने कहा कि 20 साल की डबल इंजन सरकार एक भी चीनी मिल नहीं खोल सकी।तेजस्वी ने दावा किया कि 2020 में उनकी घोषणाओं को सरकार ने कॉपी किया। इस बार भी “माई-बहन योजना” और अन्य योजनाओं की नकल की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आचार संहिता लगने से ठीक पहले और मतदान के दिन भी भारी मात्रा में पैसे बांटे गए।तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी किसी भी शंका का समाधान नहीं किया। दो दिनों तक वोटिंग प्रतिशत तक नहीं बताया गया। कई सीटें बेहद कम अंतर से हारने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अदृश्य शक्तियों का पर्दाफाश जरूर होगा।

