बक्सर, 11 दिसम्बर (विक्रांत) दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्कों में शुमार भारतीय रेलवे एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रही है। रोज़ाना लाखों यात्रियों की आवाजाही के बीच बिना ट्रैफिक रोके स्टेशनों के मेगा रीडेवलपमेंट का कार्य जारी है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की इसी अनूठी क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि जहाँ दुनिया के कई देश स्टेशन पुनर्निर्माण के लिए 3–4 साल तक ट्रैफिक बंद कर देते हैं, वहीं भारत में ऐसा संभव ही नहीं है, फिर भी काम रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है।मंत्री ने बताया कि “आज़ादी के बाद पहली बार देश अपने स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में इतना बड़ा और संगठित बदलाव देख रहा है।” भारी पैसेंजर मूवमेंट के बीच सुरक्षित, चरणबद्ध निर्माण और इंजीनियरिंग के सटीक तालमेल पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है, ताकि ट्रेनों की सुचारु आवाजाही पर कोई असर न पड़े।अमृत भारत स्टेशन स्कीम इस बदलाव की रीढ़ बनी है। ₹60,000 करोड़ के निवेश से 1,300 से अधिक स्टेशनों को फ्यूचर-रेडी बनाया जा रहा है। इनमें से 160 स्टेशन पहले ही नए रूप में यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ देने लगे हैं। हर प्रोजेक्ट में आधुनिक इंजीनियरिंग, स्वच्छ तथा विस्तृत परिसरों और विश्वस्तरीय पैसेंजर सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बीकानेर से 103 स्टेशनों के रीडेवलपमेंट की नई खेप को हरी झंडी दी। विस्तृत सर्कुलेशन एरिया, सस्टेनेबल डिज़ाइन और आसान मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन इन स्टेशनों की नई पहचान बनने वाली है।अमृत भारत स्टेशन स्कीम साबित कर रही है कि भारत न केवल विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने में सक्षम है, बल्कि यह काम ट्रेनों को बिना रोके और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कर रहा है।

