समस्तीपुर, 11 दिसंबर (मोहम्मद जमशेद) कभी देश की लाइफ लाइन और सबसे समृद्ध संस्था मानी जाने वाली भारतीय रेल भले ही आज बदहालियों से जूझ रही हो, लेकिन उसके कुछ खास कर्मियों की चमक पर ज़रा भी आँच नहीं आई है। ऐसा ही मामला सामने आया है पूर्व मध्य रेलवे सोनपुर मंडल के सरैया स्टेशन पर वर्षों तक पार्सल बाबू और टिकट बुकिंग क्लर्क रहे संजीत कुमार का, जो अब मुजफ्फरपुर स्टेशन पर वाणिज्य अधीक्षक बने बैठे हैं।

आरोप है कि मामूली पद के बावजूद संजीत कुमार ने सेवा अवधि में करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली। माल यार्ड से व्यापारियों को गिट्टी–सीमेंट दिलाने के नाम पर मोटी उगाही की बातें रेलवे गलियारे में खुलेआम चर्चा का विषय हैं। बताया जाता है कि पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर सहित कई शहरों में उनके आलीशान भवन और अपार्टमेंट मौजूद हैं, जिनमें से कई रिश्तेदारों के नाम पर बताए जाते हैं।सूत्रों का दावा है कि उनका संबंध बिहार के कथित “छोटा सरकार” से है, जिसके कारण बड़े अधिकारी भी उन पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। रेलवे ही नहीं, अन्य क्षेत्रों में भी उनका प्रभाव “आतंक” के तौर पर देखा जाता है।

