पटना, 17 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को सहरसा जिले के पतरघट अंचल कार्यालय में विजिलेंस की टीम ने सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार कर्मी की पहचान राहुल कुमार के रूप में हुई है, जो जमाबंदी परिमार्जन के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
निगरानी विभाग के अनुसार, धबौली पंचायत निवासी रणबहादुर सिंह ने 4 दिसंबर को पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने अपनी जमीन के जमाबंदी सुधार के लिए पतरघट अंचल कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन दिया था, लेकिन महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार ने खेसरा और खाता पंजी में सुधार के नाम पर सीधे 5,000 रुपये की मांग की।
शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद मंगलवार को ट्रैप टीम ने योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 112/25 के तहत दर्ज की गई है, जो वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज 112वीं प्राथमिकी है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पतरघट अंचल कार्यालय से सहरसा सर्किट हाउस लाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाने की तैयारी है। विजिलेंस विभाग ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद पतरघट अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच विजिलेंस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2025 में यह ट्रैप से जुड़ा 92वां मामला है, जिसमें अब तक 98 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 35 लाख 36 हजार 500 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।

