पटना, 17 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने लंबे समय से पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट PHED में अटके प्रोजेक्ट्स, बकाया पेमेंट और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग के मंत्री संजय सिंह ने साफ कहा कि बिना काम के कोई भुगतान नहीं होगा।मंत्री ने अधिकारियों और ठेकेदारों को एक महीने की डेडलाइन दी है और चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर सैलरी रोकी जाएगी, ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उन्हें भविष्य के टेंडरों से बाहर कर दिया जाएगा।

विभागीय समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मंत्री संजय सिंह ने कहा कि PHED के कई प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरे पड़े हैं। खासकर, हर घर नल का जल योजना के तहत कई इलाकों में काम अधूरा है, या संचालन में लापरवाही हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि नया काम देने से पहले मौजूदा योजनाओं को पूरा किया जाएगा। जो ठेकेदार तय समय सीमा में काम पूरा नहीं करेंगे, उन्हें नए टेंडर में बोली लगाने से रोका जाएगा।मंत्री ने बताया कि विभाग से जुड़े कई ठेकेदारों पर बिजली बिल बकाया हैं। एग्रीमेंट के अनुसार, जलापूर्ति योजनाओं को चलाने में लगने वाली बिजली का खर्च ठेकेदारों की जिम्मेदारी है।सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक महीने के भीतर भुगतान नहीं होने पर ऐसे ठेकेदार भविष्य के किसी भी टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।मंत्री ने कहा कि सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। जो अधिकारी अपने क्षेत्र में बकाया वसूली और लंबित कार्य समय पर पूरा नहीं कर पाएंगे, उनकी सैलरी रोकी जाएगी।उन्होंने कहा कि अब फाइलों से ज्यादा जमीन पर नतीजे दिखने चाहिए।

