
पटना, 23 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले चार दिनों से लगातार चल रही पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बढ़ती जा रही है। कई शहरों में सूरज के दर्शन तक नहीं हो रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि 11 जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जबकि कई जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।

कोहरे का असर यातायात पर भी दिख रहा है। पटना जंक्शन से गुजरने वाली 32 ट्रेनें सोमवार को देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।पटना से सटे राजगीर में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शिमला (7°C), देहरादून, रांची और भोपाल से भी कम है। प्रदेश के पांच जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने 24 जिलों में घने कोहरे और कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

पटना, नालंदा, औरंगाबाद और छपरा में घना कोहरा छाया रहा, जबकि नालंदा में दृश्यता 20 मीटर से भी कम रही।मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी और ठंड से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। अगले एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और गिर सकता है। 25 दिसंबर के बाद पूरे बिहार में दिन-रात कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।ठंड को देखते हुए शिवहर में 23 दिसंबर तक सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, बक्सर, अररिया, सीवान, भोजपुर, गोपालगंज, सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण और दरभंगा में 24 दिसंबर तक स्कूल बंद रहेंगे। कोहरे के कारण जयनगर पूजा स्पेशल 7 घंटे 22 मिनट और कुंभ एक्सप्रेस 6 घंटे 16 मिनट लेट चली।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक निचले क्षोभमंडल में घना कोहरा और ऊंचे बादल सूर्य की किरणों को रोक रहे हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर भारत में सक्रिय जेट स्ट्रीम के चलते ठंड और कोहरे का प्रकोप और बढ़ गया है।

