
पटना, 23 दिसंबर (पटना डेस्क) बिहार में भू माफिया और बालू माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य के 20 कुख्यात भू और बालू माफियाओं की चल-अचल संपत्ति जब्त की जाएगी। इनकी कुल संपत्ति की कीमत 54 करोड़ 88 लाख रुपए आंकी गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और जिला पुलिस ने गहन जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसके बाद माफिया नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

अब तक 8 भू माफियाओं को चिन्हित किया गया है, जिनकी संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। इनमें 5 आरोपी अकेले पटना जिले से हैं। दानापुर के पारस राय और उसका बेटा राजबल्लभ कुमार भी इस सूची में शामिल हैं। वहीं 12 बालू माफियाओं की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव है, जिनमें बांका जिले के 6 कुख्यात नाम शामिल हैं। बांका के नीलेश यादव, उसका भाई संजय यादव, बादल यादव और आजाद यादव के अलावा मनेर के रामप्रवेश सिंह और उसका भाई विशुन दयाल सिंह भी जांच के दायरे में हैं।

ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि जांच में अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि हुई है।इसी कड़ी में ईडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनीज की 110 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। इसमें 104 करोड़ रुपए मूल्य की 450.42 एकड़ जमीन और उस पर बने सुपर स्ट्रक्चर शामिल हैं। कंपनी के निदेशक बासुदेव बागची, प्रमोटर अविक बागची और स्वपना बागची के नाम की 6 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की गई है। बासुदेव और अविक बागची फिलहाल जेल में हैं और इनके खिलाफ सीबीआई पहले से केस दर्ज कर चुकी है।जांच के दौरान पुलिस और ईओयू की विशेष टीम ने आरोपियों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और बैंक खातों की गहन जांच की। अंचलाधिकारी की मदद से यह भी पता लगाया गया कि संपत्तियां किन रिश्तेदारों के नाम खरीदी गईं। हत्या, लूट और बालू ठेकों को लेकर फायरिंग जैसे संगीन मामलों में शामिल इन माफियाओं की संपत्ति अपराध से अर्जित पाई गई। अब ईडी ईसीआईआर दर्ज कर अंतिम जब्ती की कार्रवाई करेगी।

