
पटना, 23 दिसम्बर (पटना डेस्क) राजधानी के मीठापुर इलाके में साहित्य, काव्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भव्य उत्सव देखने को मिला, जब “बैट-बाज़ी महफ़िल” और पुस्तक “बदलती ज़िंदगी” का ऑफिशियल लॉन्च पूरे शान-ओ-शौकत के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने पटना के साहित्यिक माहौल को नई ऊर्जा और संवेदनाओं से भर दिया। कार्यक्रम का आयोजन एंड्यूरिंग वेल्फेयर फाउंडेशन के फाउंडर डॉ. सूर्यशंकर कुमार, बिहार हेरिटेज पब्लिकेशन की फाउंडर खुशी यादवुंशी और को-फाउंडर खुशबू के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रही “बैट-बाज़ी”, जो एक अनोखी और रोमांचक काव्य प्रतियोगिता के रूप में सामने आई। इसमें कवियों ने एक-दूसरे की पंक्तियों का तात्कालिक, सृजनात्मक और भावपूर्ण जवाब देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविता, शायरी और भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे सभागार को तालियों से गूंजा दिया।

इस साहित्यिक महोत्सव में डॉ. नरेश चौधरी, अंशुमन सिन्हा, प्रणव, डॉ. ए. के. सोनी, समीर परिमल और प्रख्यात कवि अमृतेश मिश्रा समेत कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि “बदलती ज़िंदगी” पुस्तक आज के सामाजिक बदलाव, संघर्ष और मानवीय अनुभवों का सशक्त दस्तावेज है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। दर्शकों और साहित्यप्रेमियों ने आयोजन को प्रेरणादायक, यादगार और रचनात्मकता से भरपूर बताया।

